हरिहर झा

नवम्बर 9, 2009

रोना चाहता है

Filed under: मंच,हिन्द-युग्म — by Harihar Jha हरिहर झा @ 4:26 पूर्वाह्न
Tags:

गम भुलाकर दिमाग खुश होना चाहता है
ये दुखी दिल जी भर के अब रोना चाहता है

ढो लिये चाँद-तारे आकाश उकता गया अब
बावला रे ! तु चैन से सोना चाहता है

कैद हैं सब टेन्शन टकराते मेरे भीतर
तेज जलता चिराग अब बुझना चाहता है

लुट गई तो न बच सकेगी धरती पे कहीँ
आबरू को डूबाके वो मरना चाहता है

हँस न पाया हँसी कभी मासूम सी जो
भटक कर फूल वो कहाँ बोना चाहता है

चाँद पर रात भर यों काला डामर टपकता
पाप धरती से जो हुये ; धोना चाहता है
-हरिहर झा

http://kavita.hindyugm.com/2009/07/blog-post_17.html

her teasing face

http://hariharjha.wordpress.com/2008/09/15/her-teasing-face/

 

Advertisements

7 टिप्पणियाँ »

  1. चाँद पर रात भर यों काला डामर टपकता
    पाप धरती से जो हुये ; धोना चाहता है

    बेहद ख़ूबसूरत !

    टिप्पणी द्वारा P.C.Godiyal — नवम्बर 9, 2009 @ 4:59 पूर्वाह्न |प्रतिक्रिया

  2. बहुत खूब!

    टिप्पणी द्वारा manhanvillage — नवम्बर 9, 2009 @ 6:58 पूर्वाह्न |प्रतिक्रिया

  3. great1 wah!

    टिप्पणी द्वारा jayantijain — नवम्बर 9, 2009 @ 2:44 अपराह्न |प्रतिक्रिया

  4. sirji bahut aachi gazal likhi hain
    such much behtrin

    टिप्पणी द्वारा arvind — फ़रवरी 9, 2010 @ 4:27 अपराह्न |प्रतिक्रिया

  5. सुन्दर व भाव पूर्ण गज़ल.

    टिप्पणी द्वारा डा श्याम गुप्त — मार्च 25, 2010 @ 8:39 पूर्वाह्न |प्रतिक्रिया

  6. सुन्दर गज़ल. बधाई हरिहर जी .

    टिप्पणी द्वारा डा श्याम गुप्त — मार्च 26, 2010 @ 6:49 पूर्वाह्न |प्रतिक्रिया

  7. paap ab vo dharti sy dhona chahta hai..
    mit-ty rahy kyun safaron mai ab tak ..
    khud sy puchun jab kabhi y baat,
    mera zameer baar- baar mujhy dhikkarta hai,
    ab na jaany do hosla mery ta umra k riyayaton ka,
    y faisla ab mujhay pukarta hai..

    jnab aap khub likhten hain ..
    par mujhay aapki rachna mai mera hi ansh nazar aaya ..par y meri bhul hai kyonki y to har mann ki baat hai..

    टिप्पणी द्वारा suman(phool) — मई 4, 2010 @ 7:52 पूर्वाह्न |प्रतिक्रिया


RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: