आपका मत
धन्यवाद:
http://hgdp.blogspot.com/2007/09/blog-post_10.html
…..कई बार यह सोचना इतना ज्यादा हो जाता है कि कमेण्टियाने के धर्म का पालन नहीं होता. हरिहर झा जी को भी मैं सीरियसली लेता हूं. बसंत आर्य यदा-कदा ठहाका लगा लेते हैं….
http://chitthacharcha.blogspot.com/2007/04/blog-post_15.html
“हरिहर ने टीसती रचना मेरी मर्जी शीर्षक से लिखी है।”
http://hindi-blog-podcast.blogspot.com/2007/03/new-posts-for-february-3-2007-and.html
हिंदी कविता में नया साल
समकालीनता के परिप्रेक्ष्य में
—डा जगदीश व्योम
ऐसे माहौल में भविष्य का क्या पता, इसलिए क्यों न आज थोड़ी ख़ुशियों के साथ कुछ पल गुज़ार लिए जाएँ-
तुम सच कहते हो-
कल किसी आतंकवादी बम से
आसमान फट पड़ेगा
तो मेरी फटी कमीज़ के तार-तार से
आसमाँ को भी सी दूँगा
पर आज मेरे दिल की नसें मत चिरने दो
यारों मुझे साल मुबारक कर लेने दो-हरिहर झा
- पतझड़ Harihar Jha हरिहर झा Mon Feb 26 14:45:09 IST 2007 (हरिहर झा)
- प्यार गंगा की धार Harihar Jha हरिहर झा Tue Feb 20 14:06:51 IST 2007 (हरिहर झा)
- मां की याद Harihar Jha हरिहर झा Sun Feb 18 13:26:40 IST 2007 (हरिहर झा)
- खिलने दो खुशबू पहचानो Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:52:53 IST 2007 (हरिहर झा)
- चुप हूं Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:36:11 IST 2007 (हरिहर झा)
- प्रीत के गीत Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:27:00 IST 2007 (हरिहर झा)
- गुनगुनी धूप है Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:21:29 IST 2007 (हरिहर झा)
- रावण और राम Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:10:30 IST 2007 (हरिहर झा)
- न जाने क्यों Harihar Jha हरिहर झा Sat Feb 17 00:00:31 IST 2007 (हरिहर झा)
- ऐसा बोर सैयां Harihar Jha हरिहर झा Fri Feb 16 16:21:46 IST 2007 (हरिहर झा)